-प्रियंका सौरभ मान लीजिए कि किसी पिछली सदी का कोई व्यक्ति आज हमारे समय में आता है। जब वे महिलाओं को विमान, कार, बस आदि चलाते हुए देखेंगे तो उन्हें कैसा झटका लगेगा। उनकी भ्रम की स्थिति की कल्पना करें जब उन्हें पता चलता है ...आगे पढ़ें asiakhabar.com | November 16, 2023 | 5:22 pm IST
सम्पादकीय / लेख
नाममात्र की सड़क से गुजरती कठिनाइयां
-पुष्पा आर्या- हमारे देश की अर्थव्यवस्था मुख्यतः ग्रामीण क्षेत्रों पर निर्भर करती है। आज भी देश की 74 प्रतिशत आबादी यहीं से है। लेकिन इसके बावजूद ग्रामीण क्षेत्र आज भी कई प्रकार की बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। इनमें सड़क की समस्या भी अहम है। ...आगे पढ़ें asiakhabar.com | November 11, 2023 | 5:35 pm IST
कृषि के माध्यम से सशक्त होती ग्रामीण महिलाएं
-तानिया- देश में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए कई स्तरों पर काम किए जाते हैं। इसके लिए केंद्र से लेकर सभी राज्य सरकार विभिन्न योजनाएं भी संचालित कर रही हैं। लेकिन हमारे देश में कृषि एक ऐसा सेक्टर है जहां महिला सशक्तिकरण सबसे अधिक ...आगे पढ़ें asiakhabar.com | November 11, 2023 | 5:35 pm IST
दिवाली का बदला स्वरूप
-प्रियंका सौरभ पुराने दिनों में, दिवाली के दौरान उपहार देने का मतलब घर में बनी मिठाइयाँ और सद्भावना के साधारण प्रतीक बाँटना था। आज उपहार देने की कला ने एक ग्लैमरस अवतार ले लिया है। पारंपरिक मिठाई और दीयों के साथ-साथ, आपको बढ़िया वाइन, लक्ज़री ...आगे पढ़ें asiakhabar.com | November 11, 2023 | 5:01 pm IST
दीपों का त्यौहार : दीपावली
अशोक कुमार यादव मुंगेली दीपों का त्यौहार, जीवन का सिंगार, आयी दिवाली। गाँवों, नगरों के घरों में, चारों तरफ छाई है खुशहाली।। अत्याचारी रावण को मार कर, लौटे जब राजा राम। अयोध्या वासी प्रसन्न हुए, देख कर परम सुख धाम।। बुराई पर अच्छाई और अँधकार ...आगे पढ़ें asiakhabar.com | November 10, 2023 | 6:18 pm IST
लक्ष्मी जी को पूजिए , लक्ष्मी पुत्रों को भी सम्मान दीजिए
अशोक मधुप वरिष्ठ पत्रकार हैं दीपावली का माहौल है।इस अवसर पर हम घर की सफाई करते हैं।अंधकार को दूर करने के लिए दीप जलाते हैं। लक्ष्मी जी की पूजा करते हैं। लक्ष्मी की पूजा इसलिए करते हैं कि हमारे घर धन− संपदा से परिपूर्ण रहे। ...आगे पढ़ें asiakhabar.com | November 10, 2023 | 6:16 pm IST
दीप जले दीपावली आई – धनतेरस ने किया दीपावली पर्व का आगाज़
गोंदिया - वैश्विक स्तरपर अगर हम गहराई से देखें तो भारत में करीब करीब हर दिन किसी न किसी पर्व को मनाने का होता है। कभी सामाजिक, जाति, धार्मिक तो कभी राष्ट्रीय तो कभी चुनावी पर्व मनाने का दिन होता है, जिसका एक महत्वपूर्ण भाव ...आगे पढ़ें asiakhabar.com | November 10, 2023 | 6:14 pm IST
नरक चतुर्दशी का व्रत अक्षम्य पाप से मुक्ति दिलाता है…
-सुरेश सिंह बैस "शाश्वत"- पौराणिक कथाओं के अनुसार, प्राचीन काल में नरकासुर राक्षस ने अपनी शक्तियों से देवताओं और ऋषि-मुनियों के साथ सोलह हजार एक सौ कन्याओं को भी बंधक बना लिया था। नरकासुर के अत्याचारों से त्रस्त देवता और साधु-संत भगवान श्री कृष्ण की ...आगे पढ़ें asiakhabar.com | November 10, 2023 | 6:09 pm IST
परिश्रम ही मां लक्ष्मी की वास्तविक पूजा है
-सुरेश सिंह बैस "शाश्वत"- कार्तिक अमावस्या के दिन सुख समृद्धि का पर्व दीपावली मनाया जाता है। इसकी तैयारी एक पखवाड़े पूर्व से शुरू हो जाती है। दीपावली पूरे पांच दिन चलती है जो धनतेरस से प्रारंभ होती है और भाई दूज के साथ समाप्त होती ...आगे पढ़ें asiakhabar.com | November 10, 2023 | 6:09 pm IST
त्योहारों की वेला में महंगाई का सितम
-अनुज आचार्य- आजकल भारत में प्याज की बढ़ती कीमतों ने गृहणियों की आंखों में आंसू ला रखे हैं। इससे पहले टमाटर लाल पीला हो रखा था। भारत में कुल प्याज उत्पादन का लगभग 30 फीसदी महाराष्ट्र राज्य में पैदा होता है। महाराष्ट्र में भी सबसे ...आगे पढ़ें asiakhabar.com | November 9, 2023 | 6:14 pm IST