
अयोध्या:भारत के लेखकों की प्रतिनिधि संस्था आथर्स गिल्ड आफ़ इंडिया की आम सभा की बैठक प्रख्यात साहित्यकार और नागरी लिपि परिषद के महामंत्री की अध्यक्षता में साकेत महाविद्यालय, अयोध्या के सभागार में सफलता पूर्वक संपन्न हुई। गिल्ड के महासचिव डॉ शिव शंकर अवस्थी के कुशल एवं सफल संचालन में हैदराबाद चैप्टर की संयोजक डॉ अहिल्या मिश्र, केरल के डॉ वी वर्गीज, नागपुर के श्री नरेन्द्र कुमार परिहार, जबलपुर की डॉ ऊषा दुबे, बनारस के डॉ अशोक कुमार ज्योति, आगरा के डॉ युवराज सिंह और गोवा की डॉ किरण पोपकर ने अपने चैप्टर की गतिविधियों और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। बैठक में गिल्ड के अध्यक्ष पद्मश्री डॉ श्याम सिंह शशि के निधन पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की गई। गिल्ड की आम सभा ने नए अध्यक्ष के चुनाव का अधिकार गिल्ड की कार्यसमिति को दिया गया। चुनाव तक गिल्ड की उपाध्यक्ष डॉ सरोजिनी प्रीतम अध्यक्ष के पद का दायित्व भी संभालेंगी।इससे पूर्व डॉ पाल ने रामकथा की विश्व व्यापकता पर केंद्रित सत्र की अध्यक्षता करते हुए कहा कि रामकथा में लोकतत्व की प्रधानता है।यही कारण है कि भारतीय जनमानस रामकथा में अपने प्रतिबम्ब का दर्शन करता है।देश और विदेश में अपने अपने ढंग से रामकथा का सृजन किया जाता रहा है और अद्यतन जारी है। रामकथा ने भारतीय जनमानस को राष्ट्रीय सांस्कृतिक एकता के सूत्र बखूबी बांधा है।” मुख्य अतिथि के रूप में अयोध्या के महापौर और सुपरिचित रामकथा विशेषज्ञ डॉ गिरीश पति त्रिपाठी और साकेत महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ दानपति तिवारी और बिहार लोक सेवा आयोग, पटना के सदस्य डॉ अरुण कुमार भगत विशिष्ट अतिथि के रूप उपस्थित थे। समारोह का शुभारंभ आथर्स गिल्ड आफ़ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष पद्मश्री डॉ श्याम सिंह शशि के निधन पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि के साथ हुआ। समारोह का सफर संचालन गिल्ड के महासचिव डॉ शिव शंकर अवस्थी ने किया।
इसमें तमिलनाडु, केरल, तेलंगाना, महाराष्ट्र, गोवा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली के विद्वानों ने वर्तमान में रामकथा की प्रासंगिकता,राम और रामचरित मानस में शिक्षा, जीवन मूल्य और लोक कल्याण, विश्व व्यापी राम का मूल्यांकन, विभिन्न भारतीय भाषाओं में रामकथा की महिला और लोकजीवन में राम विषय पर केंद्रित शोध पत्रों का वाचन किया। समारोह के संयोजन में साकेत महाविद्यालय के डॉ तिवारी, बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय वाराणसी के डॉ अशोक कुमार ज्योति, नागपुर के श्री नरेन्द्र सिंह परिहार ने विशेष सहयोग दिया। इस अवसर पर बहुभाषी कवि सम्मेलन का भी आयोजन किया गया।