
कहते ही बच्चे की पढ़ाई-लिखाई घर से ही शुरू होती है। बच्चे जो देखते हैं, वही करते हैं। इसलिए जरूरी है कि बच्चे को न सिर्फ अच्छी आदतें सिखाएं बल्कि समय-समय पर उनका मार्गदर्शन करना चाहिए। एक बच्चे का दिमाग खाली किताब की तरह होता ...आगे पढ़ें asiakhabar.com | June 22, 2019 | 4:51 pm IST