
मुंबई: कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (“केएमएएमसी” / “कोटक म्यूचुअल फंड”) ने आज कोटक एनर्जी अपॉर्च्युनिटीज फंड लॉन्च करने की घोषणा की है। यह एक ओपन-एंडेड इक्विटी स्कीम है, जो एनर्जी थीम पर आधारित है। यह स्कीम 3 अप्रैल 2025 से सार्वजनिक सदस्यता के लिए खुली रहेगी और 17 अप्रैल 2025 को समाप्त होगी।
भारत की कुल ऊर्जा क्षमता अगले 11 वर्षों में दोगुनी होने का अनुमान है। इसका कारण इलेक्ट्रिक वाहन, डेटा सेंटर और शहरीकरण जैसे क्षेत्रों की बढ़ती मांग है।[1] देश नवीकरणीय ऊर्जा को तेजी से अपना रहा है, जिससे पावर ट्रांसमिशन, ग्रिड आधुनिकीकरण, ग्रीन एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर और स्मार्ट मीटरिंग जैसी परियोजनाओं में निवेश के नए अवसर खुल रहे हैं। इसके साथ ही, भारत ग्लोबल रिसर्च में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है, जिसमें फ्रांस के न्यूक्लियर फ्यूजन प्रोजेक्ट आईटीईआर (इंटरनेशनल थर्मोन्यूक्लियर एक्सपेरिमेंटल रिएक्टर) में भागीदारी शामिल है, जिसे ‘मिनी सन’ भी कहा जाता है। इन नवाचारों के बावजूद पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों की मांग भी लगातार बढ़ने की संभावना है। इस फंड के माध्यम से निवेशकों को इन विकासशील घटनाओं का लाभ उठाने का अनूठा अवसर मिलेगा।
कोटक एनर्जी अपॉर्च्युनिटीज फंड का उद्देश्य एनर्जी और इससे जुड़े क्षेत्रों में काम करने वाली कंपनियों के इक्विटी और इक्विटी-सम्बंधित प्रतिभूतियों (सिक्योरिटीज) में निवेश करके दीर्घकालिक पूंजी वृद्धि (लॉन्ग-टर्म कैपिटल ग्रोथ) प्राप्त करना है। इस स्कीम के तहत लंबी अवधि की ग्रोथ हासिल करने के लिए बिजली, तेल एवं गैस और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की कंपनियों में निवेश किया जाएगा। इसके अलावा, यह ऊर्जा सहायक (एनर्जी एंसिलरी) और पूंजीगत वस्तु निर्माण (कैपिटल गुडस) कंपनियों में भी निवेश कर सकती है। यह फंड मार्केट कैपिटलाइजेशन के आधार पर निवेश तक सीमित नहीं होगा।
केएमएएमसी के मैनेजिंग डायरेक्टर निलेश शाह ने कहा, “कोटक एनर्जी अपॉर्च्युनिटीज फंड के लॉन्च के साथ हम अपने निवेशकों को भारत के तेजी से विकसित हो रहे ऊर्जा क्षेत्र में निवेश का अवसर प्रदान कर रहे हैं। बढ़ती जीडीपी, समृद्धि और नई-नई उभरती इंडस्ट्रीज के चलते भारत में ऊर्जा की मांग लगातार बढ़ेगी। हालांकि ऊर्जा उत्पादन की क्षमता बढ़ रही है, फिर भी भारत को बिजली आपूर्ति की कमी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में एनर्जी के पारंपरिक और नए स्रोतों में निवेश की आवश्यकता और संभावनाएँ बढ़ जाती हैं।”
इस फंड का प्रबंधन हर्ष उपाध्याय (फंड मैनेजर और CIO, KMAMC) द्वारा किया जाएगा, जो 20 वर्षों से अधिक का इक्विटी रिसर्च और फंड मैनेजमेंट अनुभव रखते हैं। उनके साथ मंदार पवार भी फंड का संचालन करेंगे, जो 19 वर्षों का इंडस्ट्री अनुभव रखते हैं।
हर्ष उपाध्याय ने कहा, “ऊर्जा क्षेत्र किसी भी देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पिछले 10 वर्षों में इस सेक्टर के मुनाफे में तीन गुना वृद्धि देखी गई है। ऊर्जा की बढ़ती माँग को देखते हुए ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन, स्मार्ट मीटरिंग और स्मार्ट ग्रिड मैनेजमेंट जैसी सेवाओं की मांग बढ़ सकती है। साथ ही, कोयला, तेल और गैस जैसे पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों की मांग भी भारत में बनी रहेगी।”
यह योजना 3 अप्रैल 2025 से 17 अप्रैल 2025 तक सार्वजनिक निवेश (पब्लिक सब्स्क्रिप्शन) के लिए खुली रहेगी। निवेशक न्यूनतम निवेश राशि ₹100 के साथ शुरुआत कर सकते हैं और उसके बाद कोई भी राशि जोड़ सकते हैं। एनएफओ अवधि में स्विचिंग के लिए न्यूनतम राशि ₹100 और उसके बाद कोई भी राशि का भुगतान करना होगा।